राज्य में नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग कल्याण की सभी शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं में अध्ययन-अध्यापन कार्य स्थगित है। इसे देखते हुए दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को अनेक नवाचारों के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए शिक्षकों ने पाठ्यक्रम अनुसार विषयवार ऑडियो-वीडियो तैयार करने के साथ ही किफायती शिक्षण सहायक सामग्री तैयार की है। साथ ही संवाद के लिए शिक्षक, बच्चों और अभिभावकों के वाट्सअप ग्रुप बनाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में निःशक्त कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत् शासकीय संस्थाओं में 847 आवासीय और 241 गैर आवासीय कुल एक हजार 88 विद्यार्थी अध्ययनरत् है। वर्तमान में विभिन्न कारणों से घर ना जा सके 32 बच्चे संस्था में रहकर ही अध्ययन कर रहे हैं। शेष बच्चों को एक अप्रैल से ऑनलाईन माध्यम से शिक्षा दी जा रही है।
    विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों ने उनकी आवश्यकता के अनुसार शिक्षण सामग्री तैयार की है। शिक्षकों द्वारा कक्षानुसार वाट्सएप, सामान्य कॉल, वीडियो चैटिंग के माध्यम से भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जा रहा है,जिससे घर पर ही बच्चों की पढ़ाई सुचारू ढंग से चल सके। हॉस्टल और संस्थाओं में रह रहे बच्चों को ब्रेल लिपि की शिक्षण सामग्री के साथ ही मॉडल टच मेथड से जानकारी दी जा रही है। श्रवण बाधित बच्चों को वीडियो कॉल के माध्यम से साइन लैंग्वेज में पढ़ाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य आयुक्त दिव्यांगजन श्री प्रसन्ना आर ने लॉकडाउन के दौरान दिव्यांग बच्चों के अध्ययन कार्य में किसी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न न हो तथा अध्ययन कार्य सुचारू रूप से चल सके इसे देखते हुए दिव्यांग कल्याण की सभी शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं के विद्यार्थियों की ऑनलाईन पढ़ाई कराने के निर्देश दिए हैं। बच्चों की ऑनलाईन पढ़ाई की व्यवस्था की निरंतर विभागीय मॉनिटरिंग भी की जा रही है।