इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) से अच्छी खबर यह है कि कोरोना का पहला मरीज राजेश असवारा पूरी तरह स्वस्थ हो गया है. राजेश अस्वारा समेत 11 लोगों को एमआरटीबी (MRTB) अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है. इंदौर के राजेश कुमार असवारा (Rajesh Kumar Aswara) को 26 मार्च को गले में खराश की समस्या महसूस हुई. उन्होंने एमआरटीबी अस्पताल में परामर्श लिया, जहां उन्हें होम क्वॉरेंटाइन रहने के निर्देश दिए गए. 29 मार्च एमआरटीबी अस्पताल से राजेश के पास कॉल आया और उन्हें एमआरटीबी अस्पताल बुलाया गया. वे जब वहां पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनकी कोरोना सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था.

कोरोना के इन मरीजों को भी मिली छुट्टी

एमआरटीबी हॉस्पिटल से राजेश असवारा के डिस्चार्ज होने के बाद अरविंदो हॉस्पिटल इंदौर से भी 10 मरीज़ स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं. उनके नाम मोहम्मद सलीम, इक़बाल कुरेशी, वज़ीद कुरेशी, शब्बीर, करण सिसोदिया, प्रहलाद अग्रवाल, जितेंद्र सिसोदिया, अंजू सिसोदिया, आयशा और आलिया हैं.

राजेश ने अपने अस्पताल के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि इलाज के दौरान सभी डॉक्टर्स ने उनका बहुत सहयोग किया. उन्होंने सभी डॉक्टरों की तारीफ करते हुए कहा कि वे कोरोना से जूझ रहे मरीजों की इतनी अच्छी तरीके से देखभाल कर रहे हैं और इस सेवा कार्य में खुद के जीवन की भी चिंता नहीं कर रहें हैं.

डिस्चार्ज से पहले दो बार निगेटिव रिपोर्ट आना जरूरी

राजेश की शनिवार को कोरोना की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी. मेडिकल प्रोटोकॉल के मुताबिक 2 बार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा सकता है. यही वजह है कि राजेश का दूसरा टेस्ट रविवार को किया गया और उसकी रिपोर्ट भी निगेटिव आने के बाद उन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. आज वे स्वस्थ एवं सकुशल हैं.

डॉक्टरों और नर्सों ने बढ़ाई हिम्मत: राजेश

राजेश असवारा का कहना है कि कोरोना के इलाज के दौरान जब वे हताश होने लगते थे तब डॉक्टर, नर्स और समस्त मेडिकल स्टाफ उनका उत्साह बढ़ाते थे. वे सभी मुझसे कहते 'करोना को हराना है और इस लड़ाई में उन्हें जीतना है'. राजेश ने इंदौर वासियों को भी संयम बरतने और सही समय पर सही उपचार लेने का आग्रह किया.उन्होने बताया कि कोरोना पर जीत पाई जा सकती है, बस आपको सही समय पर दवा लेने के साथ साथ धैर्य भी रखना है.