कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रानू साहू ने आदेश जारी कर कहा है कि जिले में आदान सामग्री व्यवस्था के अंतर्गत कृषकों को बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने हेतु अनुज्ञप्तिधारी व्यवसायिक दुकाने संचालित की जा रही है। जिले में विभिन्न फसलों हेतु उर्वरक एवं बीज की समय समय पर आवश्यकता संभावित है तथा कृषकों द्वारा भी मैदानी कर्मचारियों से इस संबंध में सम्पर्क भी किया जा रहा है। चूंकि उर्वरक एवं बीज व्यवसाय क्रमशः ‘‘आवश्यक वस्तु अधिनियम‘‘ की धारा 03 के अंतर्गत गठित ‘‘उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985‘‘ एवं ‘‘बीज (नियंत्रण) आदेश 1983‘‘ से परिचालित होते है, इस प्रकार ये दोनो कृषि आदान ‘‘आवश्यक वस्तु‘‘ की श्रेणी में आते हैं।  
जारी आदेश के अनुसार इस परिपेक्ष्य में लोकहित के दृष्टिगत नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) व उससे जनित बीमारी के संक्रमण से बचाव हेतु लॉकडाउन अवधि में कृषकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए इनसे संबंधित व्यवसायिक प्रष्ठिानों को निम्न शर्तों के अधीन परिचालित करने की एतद् द्वारा अनुमति प्रदान की गई है:-
व्यवसायिक प्रतिष्ठान में एक समय में एक ही कृषक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। दुकान के बाहर साबुन एवं स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाए तथा प्रत्येक क्रेता हाथ धोने के उपरंात ही दुकान में प्रवेश करे। उर्वरक विक्रय हेतु प्रयुक्त की जाने वाली ‘‘पी.ओ.एस. मशीन‘‘ जिस पर कृषकों को अंगूठा लगाना होता है, अनिवार्यतः सेनिटाइज की जाए तथा ऐेसा प्रत्येक उपयोग के उपरांत किया जाए। प्रतिष्ठानों की व्यवसाय की अवधि प्रातः 09 बजे से अपरान्ह 02 बजे तक होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।