चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है और इस साल कामदा एकादशी 4 अप्रैल को आ रही है। ये एकादशी हिंदू संवत्सर की पहली एकादशी है। कामदा एकादशी के दिन व्रत रखने से प्रेत योनि से मुक्ति मिल जाती है और अगला जन्म सुखदायक होता है। कामदा एकादशी का उल्लेख पुराणों में किया गया है और पुराणों के अनुसार, जितना पुण्य कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या और स्वर्ण दान करने से मिलता है। उतना ही पुण्य कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करने से और व्रत रखने से मिलता है।
कामदा एकादशी के दिन करें ये काम

 
कामदा एकादशी के दिन निम्नलिखित कार्यों को करने से पुण्य की प्राप्ति हो जाती है। इसलिए आप कामदा एकादशी के दिन इन कामों को जरूर करें।
 
कामदा एकादशी के दिन गंगा या पवित्र नदी में स्नान जरूर करें। पवित्र नदियों में स्नान करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। अगर आप पवित्र नदी में जाकर स्नान नहीं कर सकते हैं। तो नहाने के पानी में गंगा जल मिला लें।
पूरे घर की सफाई करें और घर में गंगा जल का छिड़काव करें। ऐसा करने से घर शुद्ध होता है।
कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी पूजा करें।
विष्णु जी को पूजा करते हुए भोग लगाएं और भोग बनाते समय उसमें तुलसी का पत्ता जरूर डालें।
विष्णु जी से जुड़े पाठ करें और पूरे दिन विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें।
इस दिन शाम के समय तुलसी की पूजा जरूर करें।
ना करें ये कार्य

कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें एकादशी के दिन करना वर्जित माना गया है। इसलिए आप इन कार्य को करने से बचें।
 
इस दिन आप तुलसी का पत्ता ना तोड़ें।
खाना बनाते समय उसमें लहसुन और प्याज का प्रयोग ना करें।
बैंगन का सेवन करने से बचें।
किसी से भी लड़ाई ना करें।
बिस्तर पर ना सोएं।
कामदा एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से बचें। इस दिन चावल खाना पूरी तरह से वर्जित माना गया है।
कामदा एकादशी का व्रत

 
कामदा एकादशी के दिन कई लोग व्रत करते हैं। इस दिन व्रत करना उत्तम माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि इस एकादशी का व्रत करने से प्रेत योनि से मुक्ति मिल जाती है। शास्त्रों में लिखा गया है कि कामदा एकादशी का व्रत करने से इंसान को प्रेत योनि का सामाना नहीं करना पड़ता है और उसका अगला जन्म इंसान के रूप में ही होता है। इतना ही नहीं उसे अगले जन्म में हर सुविधा और सुख भी मिलते हैं। इसलिए आपका अगला जन्म अच्छा हो इसके लिए कामदा एकादशी का व्रत करें।
ऐसे रखें व्रत

कामदा एकादशी के व्रत के दौरान आप केवल एक बार ही फल और दूध का सेवन करें। व्रत वाले दिन विष्णु जी के सभी नामों का जाप करें और रात को भजन गाए। वहीं अगले दिन स्नान कर पूजा करें और व्रत खोल लें। आप चाहें तो व्रत तोड़ने से पहले वस्तुओं का दान भी गरीब लोगों में कर सकते हैं। ऐसा करने से पुण्य हासिल होता है।