धार.आमतौर पर किसान (farmer) अपनी परंपरागत खेती करने में ही विश्वास करते हैं. लेकिन धार के एक किसान ने परंपरागत खेती के बजाए कुछ हटकर अलग करने की सोची और इस सोच ने इस किसान की किस्मत ही बदल डाली. धार के एक छोटे से गांव सिरसौदा के किसान विनोद चौहान की चर्चा अब चारों तरफ है. उन्होंने काला गेहूं (black wheat) जो उगाया है.फसल लहलहा उठी और ज़बरदस्त मुनाफा दे गयी. ये काला गेहूं उनके लिए सोना (gold) बन गया.किसान विनोद चौहान ने अपनी 20 बीघा ज़मीन में काला गेहूं बोया था.जब फसल आई तो विनोद चौहान के लिए खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि अब उनके पास इस दुर्लभ काले गेहूं को खरीदने वालों की 12 राज्यो से डिमांड आ रही है.

किसान हुआ मालामाल
धार के एक छोटे से गांव सिरसौदा का किसान विनोद चौहान, इन दिनों बेहद व्यस्त हैं. ये व्यस्तता काम की भी है और लगातार आ रहे फोन की वजह से भी है. विनोद ने अपनी 20 बीघा ज़मीन में कुल 5 क्विंटल काला गेहूं बोया था. बदले में 200 क्विंटल गेहूं की बंपर पैदावार हुई है. काला गेहूं सामान्य गेहूं से कहीं ज्यादा पौष्टिक होता है. इसमें आयरन भी अत्यधिक मात्रा में होता है. इतना ही नहीं यह अपनी गुणवत्ता और गुणों के कारण सामान्य गेहूं से दोगुनी कीमत पर बिक रहा है. इससे किसान मालामाल हो गया है.

12 राज्यों से डिमांड
विनोद चौहान बताते हैं कि काले गेहूं की ओर रुझान की भी एक दिलचस्प कहानी है. वो परंपरागत खेती से हटकर कुछ करना चाहते थे. तभी उन्होने विभिन्न माध्यम जैसे यू-ट्यूब पर पड़ताल की. तभी उन्हें काले गेहूं के बार में पता चला. उसके बाद कृषि वैज्ञानिकों से सम्पर्क कर मन में ठाना कि उन्हें कुछ हटकर करना है. इसीलिए उन्होंने अपने खेत पर काला गेहूं लगाया और आज इसका नतीजा सभी के सामने है. इसका भाव तो सामान्य गेहूं से दोगुना है ही , साथ ही इसकी डिमांड भी बहुत ज्यादा है .

कृषि विभाग करेगा फॉलो
काले गेहूं की फसल को लेकर कृषि विभाग के अधिकारी भी इसे अच्छा संकेत मान रहे हैं. उपसंचालक आर एल जामरे बताते हैं कि ये गेहूं डायबिटीज वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है. हालांकि काले गेहूं की प्रकिया अभी कृषि ‌विभाग में नही शुरू हुई है लेकिन किसानों ने इस क्षेत्र में हरियाणा से लाकर यह गेहूं लगाया है.इसकी पैदावार भी बहुत अच्छी है और इसके रिजल्ट देखते हुए अब जल्द ही कृषि विभाग भी काले गेहूं की ओर अपना रुख करेगा